सुरभि मीणा केंद्रीय विद्यालय बूंदी द्वारा स्वरचित कविता गाकर विश्व नेत्रदान दिवस पर जागरूकता प्रदान की |
हम सब दृष्टिदान करने का संकल्प लें। #WorldEyeDonationDay #विश्वनेत्रदानदिवस
जीवन की साँसे हैं कम,
पल पल में जी लो जीवन,
यह तन है तिनके से कमजोर
परहित में जीना है, तो कर दो नयनों का दान |
विश्व में चाहे, न किया हो किसी का अच्छा ,
आजीवन कहते रहे, तुम्हारा तुम देखो – मैं चला,
देह विदाई से पहले , किसी के लिए बनो वरदान
आंखो का तारा बनना है , तो कर दो नयनों का दान |
आपके नयनों से, वह देखेगा बड़े चाव से,
पथ पर आगे बढ़ेगा , खुद के अरमानों से,
उसकी अरदाश को, गले लगा लो विदाई से पहले ,
सदा जग में रहना , तो कर दो नयनों का दान |
लेखिका –सुरभि मीणा

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